बच्ची हुई अजीब बीमारी का शिकार, शरीर पर उग रहा है पेड़

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विज्ञान एक तरफ जहाँ दिन-ब-दिन तरक्की करता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसे चुनौती देने हर दिन नई बीमारियां भी जन्म लेती जा रहीं हैं। ‘ट्री मैन सिंड्रोम’ एक ऐसी बीमारी है जिसमें पीड़ित के शरीर में पेड़ों की छाल जैसी संरचना उभरने लगती है। खास तौर पर उसके हाथ और पैर में। दुनिया में गिने चुने लोग ही इस बीमारी से पीड़ित हैं और अब तक सभी पीड़ित पुरुष ही थे। लेकिन हाल ही में बांग्लादेश में एक बच्ची इस बीमारी से ग्रसित पाई गई है।

शुरुआत में नहीं लिया था इसे गंभीरता से शुरुआत में नहीं लिया था इसे गंभीरता से 

बांग्लादेश के ग्रामीण इलाके में रहने वाली शहाना खातून की उम्र मात्र 10 साल है। शुरुआत में जब शहाना के चेहरे पर पेड़ की छाल जैसा मस्सा उभरा तो उसके पिता ने इसे गम्भीरता से नहीं लिया लेकिन जब यह उसके चेहरे पर ज्यादा फैलने लगा तो उसके पिता इलाज़ के लिए बांग्लादेश की राजधानी ढाका में उसे लेकर आ गए।

 

दुनिया में गिने चुने लोग ही हैं इस बीमारी से पीड़ित दुनिया में गिने चुने लोग ही हैं इस बीमारी से पीड़ित 

दुनिया में ऐसे बहुत ही कम लोग हैं जो इस बीमारी से पीड़ित हैं, और इन लोगों की सूची में शहाना से पहले तक सिर्फ पुरुष ही शामिल थे। डॉक्टर्स के अनुसार शहाना दुनिया की पहली ऐसी लड़की हो सकती है जो इस बीमारी से पीड़ित है।

शहाना के पिता को है डॉक्टर्स से आस शहाना के पिता को है डॉक्टर्स से आस 

शहाना के पिता ने मीडिया से कहा कि “हम बहुत गरीब हैं। मेरी बेटी ने सिर्फ छह साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया। मुझे सचमुच उम्मीद है कि डॉक्टर मेरी बेटी के सुंदर चेहरे से इन छालों को हटा देंगे।”

डॉक्टर्स ने दिलाई उम्मीद डॉक्टर्स ने दिलाई उम्मीद 

ढाका में शहाना का इलाज़ कर रहे डॉक्टर्स ने शहाना के पिता को उम्मीद दिलाई कि शायद शहाना में यह बीमारी उतनी ज्यादा नहीं फ़ैल पाई है और वो इसे ठीक कर लेंगे।

यह एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी हैयह एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी है

इस बीमारी से ग्रसित लोगों में एपीडर्मोडीस्प्लासिया वेरूसीफॉर्मिस पाया जाता है। यह एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी है जिसमें मुख्यतः हाथ और पैर में पेड़ की छाल जैसी संरचना उभरने लगती है।

बांग्लादेश के ही अबुल बाजंदार भी थे इस बीमारी से पीड़ित बांग्लादेश के ही अबुल बाजंदार भी थे इस बीमारी से पीड़ित 

बांग्लादेश में ही रहने वाले अबुल बाजंदार भी इस बीमारी से पीड़ित थे उनके दोनों हाथों में पेड़ों जैसे मस्से उभर आए थे, जिनका वजन पांच किलो तक पहुंच गया था।

16 सर्जरी के बाद हुआ अबुल का इलाज़ 16 सर्जरी के बाद हुआ अबुल का इलाज़ 

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